शिवसेना (उद्धव ठाकरे ग्रुप) ने पार्टी के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय को मंजूरी देने के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वकील देवदत्त कामत ने CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की।
वकील ने कहा कि संसद में एक राजनीतिक दल के रूप में हमारा कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। ये 6 सांसद अब हमारे साथ नहीं हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने उनके दूसरी पार्टी में विलय को मान्यता दे दी है। CJI सूर्य कांत ने जल्द सुनवाई का भरोसा दिया। संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद लोकसभा में शिवसेना (UBT) के सांसदों की संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है।
आपको बता दें कि 22 जून को 6 सांसद शिवसेना में शामिल हुए थे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर शिवसेना में शामिल हुए थे।