कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की बेंच ने दिल्ली पुलिस को CCTV फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े वीडियो को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने ASG एसवी राजू की इस दलील को ठुकरा दिया कि अगर याचिकाकर्ता किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहते हैं, तो उन्हें हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने के बजाए पहले पुलिस या मजिस्ट्रेट कोर्ट जाना चाहिए था।
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की अर्जी में कोई एक मामला नहीं उठाया गया है, अगर यह सिर्फ एक अकेली घटना होती, तो स्थिति अलग होती। आप कैसे कह सकते हैं कि हर पीड़ित व्यक्ति अलग-अलग जाकर एफआईआर दर्ज कराए? जनहित याचिका के तौर पर इसे उठाया गया है तो इसमें कोई ग़लत नहीं है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर यह मान भी लिया जाए कि यह गैरकानूनी सभा भी थी, तब भी कानून में उससे निपटने की एक तय प्रक्रिया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट एन हरिहरन, विकास सिंह और गोपाल शंकरनारायण पेश हुए। वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन और सभा हो रही थी। लोग संविधान से मिले अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे थे। सबसे पहली आज़ादी जिसका वे इस्तेमाल कर रहे थे, वह थी शांतिपूर्ण विरोध और सभा करने का अधिकार, छात्रों को अनुच्छेद 21 के तहत भी सुरक्षा मिली हुई थी, इसलिए सरकार की कार्रवाई को अनुच्छेद 14 की कसौटी पर परखा जाएगा, इसके बाद जो हुआ, वह अकल्पनीय था, हद से ज़्यादा बर्बरता की गई। मैं यह बिल्कुल नहीं कह रहा कि सरकार के पास आंदोलन को नियंत्रित करने या उसे सही दिशा देने की क्षमता नहीं थी।
सीनियर वकील विकास सिंह ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने नेम टैग नहीं लगाए हुए थे। वकील कोर्ट से कुछ वीडियो देखने का अनुरोध किया। हाईकोर्ट ने कहा कि आप कह रहे हैं कि बल का प्रयोग ज़रूरत से ज़्यादा और अनावश्यक था?। हरिहरन ने कहा कि हम SIT बनाने की मांग कर रहे हैं। हम दिल्ली पुलिस से इसकी जांच नहीं करवा सकते, इसके लिए कोई स्वतंत्र एजेंसी होनी चाहिए। हमने ऐसे सबूत दिए हैं जिनमें पुलिसकर्मी साफ तौर पर पहचाने जा सकते हैं। पुलिसकर्मी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं और उनके प्राइवेट पार्ट्स पर लाठी का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह बहुत ही भयानक है।