दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साज़िश के मामले में आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की दूसरी ज़मानत याचिका पर दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी।दरअसल, शरजील इमाम और उमर खालिद ने ‘सैयद इफ़्तिख़ार अंद्राबी बनाम NIA’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद ज़मानत याचिका दायर की है। इस जमानत याचिका में उस व्याख्या पर सवाल उठाया गया है, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी।
नई ज़मानत याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के 6 महीने बाद भी ट्रायल में कोई खास प्रगति नहीं हुई है और वह पिछले 6 साल से जेल में बंद हैं। आपको बता दें कि दोनों आरोपियों की ज़मानत याचिका एक ऐसे वक़्त में दाखिल हुई है, जब UAPA के तहत दर्ज मामलों के ज़मानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट की दो अलग अलग बेंच की अलग अलग राय सामने आई थी। दरअसल, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने इस साल जनवरी में उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इंकार कर दिया था।
18 मई को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने इस फैसले पर सवाल उठाया था। बेंच का कहना था कि उमर और शरजील को जमानत देने से इंकार करते वक़्त 2021 में दिए तीन जजों की बेंच के फैसले में दी गई व्यवस्था का पालन नहीं किया गया, ‘जेल नियम और जेल अपवाद’ का सिद्धांत UAPA के मामलों में भी लागू होता है। इसके बाद जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली दंगों के दो आरोपियों को अंतरिम जमानत देते हुए UAPA के मामलों में ज़मानत से जुड़े बड़े क़ानूनी सवाल को विचार के लिए बड़ी बेंच को भेज दिया था। बड़ी बेंच तय करेगी कि UAPA क़ानून के तहत ज़मानत की क्या कसौटी हो, क्या UAPA कानून के तहत ज़मानत की सख्त शर्तों के बावजूद ट्रायल में देरी के आधार पर ज़मानत दी जा सकती है या नहीं।