सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि अदालती कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो क्लिप साझा करने और अपलोड करने पर रोक लगाने वाला उसका हालिया अंतरिम आदेश मान्यता प्राप्त समाचार संगठनों को सुनवाई की रिपोर्टिंग करने से नहीं रोकता है। कोर्ट ने कहा कि यह प्रतिबंध केवल समाचार रिपोर्टों में अदालती कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो क्लिप के उपयोग तक सीमित है
CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग से संबंधित कई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह स्पष्टीकरण जारी किया है।
यह स्पष्टीकरण तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि उसके 24 जुलाई के अंतरिम आदेश के अनुच्छेद 11 को लेकर कुछ भ्रम बना हुआ है, जिसमें कहा गया था कि सुनवाई की क्लिप साझा करने पर रोक मान्यता प्राप्त समाचार माध्यमों द्वारा रिपोर्टिंग को नहीं रोकेगी।



