गुरुग्राम में 4 साल की मासूम बच्ची के रेप के मामले में पुलिस और न्यायिक मजिस्ट्रेट के रवैए पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर और जांच अधिकारी को पूरे रिकॉर्ड के साथ 25 मार्च को पेश होने के लिए तलब किया है।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि जिस तरीके से हरियाणा पुलिस ने जांच की है, वो बेहद असंवेदनशील और परेशान करने वाली है। कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि मजिस्ट्रेट ने जब बच्ची का बयान दर्ज किया था, तब आरोपी उसके बेहद नज़दीक खड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की गुरुग्राम पुलिस के बजाए जांच CBI या SIT से कराए जाने की बच्ची के माता पिता की मांग पर नोटिस जारी किया और पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सेशन कोर्ट गुरुग्राम से कहा है कि वो उस ज्यूडिसिल मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण ले जिसने बच्ची का बयान दर्ज किया था। कोर्ट ने इसकी जानकारी सीलबंद कवर में देने को कहा है।
कोर्ट ने बच्ची के माता पिता के हलफनामे को सीलबंद कवर में रखने को कहा है। कोर्ट अब 25 मार्च को इस मामले की सुनवाई करेगा।