बिहार के आरा में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की वेकेशन बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिककर्ता व पेशे से वकील विशाल तिवारी से पूछा कि आप इस मामले में कौन है? और आप पहले हाईकोर्ट क्यों नहीं गए?, इसका जवाब देते हुए विशाल तिवारी ने कहा कि वह इस मामले में याचिककर्ता है और उन्होंने जनहित याचिका दायर की है।
जिस पर जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि हम जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे और आप पहले पटना हाईकोर्ट जाएं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की छूट भी दी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने याचिका दायर कर इस पूरे एनकाउंटर मामले पर सवाल उठाया था और साथ ही इस मामले की CBI जांच की मांग की थी, इसके अलावा याचिका में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की थी।
गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर 17 जून 2026 को बिहार के आरा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और STF की संयुक्त टीम द्वारा की गई एक पुलिस मुठभेड़ थी। इस घटना में 28 वर्षीय भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी, जो अब एक बड़े राजनीतिक और न्यायिक विवाद का विषय बन गया है। पुलिस का आरोप था कि भरत तिवारी मानसिक रूप से अस्थिर था और उसने पुलिस टीम पर 8-10 राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों से उसकी मौत हो गई थी।