चुनाव पर बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पूर्व चैयरमैन मुरारी तिवारी से खास बातचीत
दिल्ली के करीब एक लाख वकील अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव में सदस्य के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं मुरारी तिवारी
मैं वकीलों के वेलफेयर के लिए काम करता रहूंगा: मुरारी तिवारी
मुरारी तिवारी ने युवा वकील को दिया गुरूमंत्र
कहा-पेशे में आने के बाद वो घबराएं नहीं
जिस संस्था के साथ जुड़े उसमें मन लगाकर काम करें
इससे निश्चित रूप से सफलता मिलेगी: मुरारी तिवारी
जल्दीबाजी में पैसे कमाने की चाह में अपने मूल उद्देश्य से ना भटकें: मुरारी तिवारी
नया साल शुरू होते ही वकीलों को कोर्ट में पैक्टिस के लिए साइसेंस देने वाली संस्था बार काउंसिल ऑफ दिल्ली की चुनाव की तैयारियां जोर पर हैं। इसी मसले पर बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पूर्व चैयरमैन मुरारी तिवारी ने लीगल बीट से खास बातचीत करते हुए बताया कि 20, 21 और 22 फरवर को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव होने हैं, जिसमें दिल्ली के करीब एक लाख वकील अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली में वकीलों की संख्या करीब 2 लाख है, लेकिन यह वेरिफाई किया गया है कि असल में 1 लाख वकील ही प्रैक्टिस में है, ऐसे में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को ही मतदान का अधिकार होगा।
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव में सदस्य के तौर पर चुनाव लड़ रहे मुरारी तिवारी ने आगे कहा कि मैं वकीलों को अश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं वकीलों के वेलफेयर के लिए काम करता रहूंगा और जिस वकील के लिए कोई नहीं है, उसके लिए मुरारी तिवारी है। वकील मुरारी तिवारी ने कहा कि चुनाव जीतेंगे, तो आगे वकीलों के उत्थान के लिए काम करेंगे, साथ ही वकील के इंश्योरेंस को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने का काम करवायेंगे। मुरारी तिवारी ने आगे कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का 99 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, बिल लगभग तैयार है और इसे चुनाव के बाद लागू करवायेंगे, ताकि वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा सके। उन्होंने ने यह भी कहा कि बार काउंसिल में वकीलों के रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर भी आने वाले दिनों में काम करेंगे।
वकील मुरारी तिवारी ने खासकर युवा वकील को गुरूमंत्र भी दिया कि पेशे में आने के बाद वो घबराएं नहीं और जिस संस्था के साथ जुड़े, उसमें मन लगाकर काम करें और इससे निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। उन्होंने युवा वकीलों को आगाह किया कि जल्दीबाजी में पैसे कमाने की चाह में अपने मूल उद्देश्य से ना भटकें। मुरारी तिवारी ने यह भी बाताया कि वो 2003 से बार काउंसिल ऑफ दिल्ली से जुड़े हुए है और बार काउंसिल में सबसे लंबे समय के लिए जनरल सेक्रेटरी रहे, फिर सदस्य के साथ-साथ अध्यक्ष भी रहे। अंत में वकील मुरारी तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में 30 फीसदी महिला आरक्षण को लागू किया गया है और मैं इसे आरक्षण नहीं बल्कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व मानता हूं।