ऑनलाइन सट्टेबाजी पर बैन की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्यों के साथ साथ गूगल इंडिया, एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह व्यापक जनहित का मसला है। अगली सुनवाई में हम सट्टेबाजी एप पर रोक की अंतरिम राहत की मांग पर विचार करेंगे।
याचिकाकर्ता केए पॉल ने आज कहा कि 29 में से सिर्फ़ 4 राज्य ही इसे गंभीरता से ले रहे हैं। प्रतिबंधित ऐप्स भी VPN के ज़रिए एक्सेस किए जा सकते हैं। कोर्ट जवाब दाखिल करने के लिए समय दे सकता है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इस बीच जज को निर्देश दिया जाना चाहिए कि विज्ञापन न दिया जाए और मीडिया टेलीविज़न पर प्रचार न करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतरिम निर्देशों पर विचार करने के बजाय हम अंतिम सुनवाई को प्राथमिकता देंगे, कभी-कभी हम अंतरिम निर्देश जारी करते हैं और उसके कई परिणाम होते हैं।
दरअसल, केए पॉल की याचिका में कहा गया था कि ऑनलाइन बेटिंग ऐप जुए के समान है। इनकी लत की वजह से लाखों युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद हो गई है। उसका खामियाजा उनके घरवालों को झेलना पड़ रहा है।अकेले तेलंगाना में सट्टेबाजी एप की लत के चलते 1023 लोगों ने आत्महत्या कर ली है। बॉलीवुड और टॉलीवुड से जुड़े 25 एक्टर इसको प्रमोट कर लोगों की जिंदगी से खेल रहे है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले खिलाड़ी से लेकर तमाम सेलिब्रिटी खिलाड़ी इसका प्रचार कर रहे है।