CJI सूर्यकांत और रूसी संघ के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस इगोर क्रासनोव ने मॉस्को में दोनों देशों के बीच न्यायिक सहयोग और आदान-प्रदान को मज़बूत करने के मकसद से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। मॉस्को में रूसी संघ के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव के साथ बैठक के दौरान अपने संबोधन में CJI ने कहा कि अगर टेक्नोलॉजी अदालतों की क्षमताओं को बढ़ाती है,तो लोगों में किया गया निवेश ही यह तय करता है कि उन क्षमताओं का कितनी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाता है।






CJI सूर्यकांत ने अपने रूसी समकक्ष से कहा कि AI मामलों का फ़ैसला नहीं कर सकता है, रूसी सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव के साथ बैठक में CJI सूर्यकांत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अनुवाद, ट्रांसक्रिप्ट और प्रशासन के कामों में जजों की मदद कर सकता है, लेकिन सबूतों या गवाहों की विश्वसनीयता का आकलन नहीं कर सकता और न ही न्यायिक विवेक का इस्तेमाल कर सकता है। CJI सूर्यकांत ने रूसी सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव के साथ बैठक में सुप्रीम कोर्ट के AI टूल्स का ज़िक्र किया।
CJI ने फैसलों का 16 भाषाओं में अनुवाद करने के लिए SUVAS और मुकदमों से जुड़े लोगों की मदद के लिए हाल ही में लॉन्च किए गए चैटबॉट ‘सु-सहाय’ (Su Sahay) का ज़िक्र किया, साथ ही टेक्नोलॉजी को न्याय तक पहुंचने का एक ज़रिया बताया, न कि न्याय करने की प्रक्रिया का विकल्प। CJI सूर्यकांत ने भारत-रूस के बीच गहरे न्यायिक सहयोग की वकालत की। मॉस्को में रूसी सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने न्यायिक अकादमियों के बीच आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रिसर्च पार्टनरशिप की संभावनाओं पर ज़ोर दिया और कहा कि संस्थागत उत्कृष्टता के लिए न्यायिक शिक्षा में निवेश उतना ही ज़रूरी है जितनी कि टेक्नोलॉजी।