सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने की मांग वाली अर्जी पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना जारी है, ऐसे में कोर्ट ने कहा कि वह राज्य तंत्र से न्यायिक हस्तक्षेप के बिना ही अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की उम्मीद करता है।
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि इस स्टेज पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसी न्यायिक आदेश की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि राज्य का संचालन राजनीतिक कार्यपालिका द्वारा किया जाए। वे निर्णय लेंगे। हमें उम्मीद है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब वरिष्ठ वकील वी गिरि ने सनातनी संसद की ओर से दायर उस याचिका का जिक्र किया, जिसमें मतदान समाप्त होने के बाद भी केंद्रीय बलों की मौजूदगी सुनिश्चित करने और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में निगरानी तंत्र स्थापित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। गिरि ने पिछले चुनावों में कथित हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए अदालत से एहतियाती हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद उसकी भूमिका समाप्त हो जाती है।