दिल्ली HC ने स्पाइसजेट की 144 करोड़ रुपए जमा करने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस सुब्रमणियुन प्रसाद की बेंच ने सोमवार को पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। साथ ही हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। दरअसल, स्पाइसजेट एयरलाइंस और उसके प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने उस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका की थी, जिसमें एयरलाइन को कलानिधि मारन और केएएल एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ लंबे समय से चल रहे मध्यस्थता विवाद के संबंध में 144 करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश दिया गया था।
इससे पहले स्पाइसजेट ने 144 करोड़ रुपये जमा करने के बजाय सिंह की संपत्ति को कुर्क करने की पेशकश की थी। आपको बता दें कि यह मामला 2015 के एक विवाद से जुड़ा है, जिसमें स्पाइसजेट को तब बचाया गया था जब वह गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही थी और उसके परिचालन बंद होने का खतरा मंडरा रहा था।
कलानिधि मारन और काल एयरवेज एयरलाइन के प्रमोटर और बहुसंख्यक शेयरधारक थे, जिनके पास 58.46 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उन्होंने जनवरी 2015 में स्पाइसजेट के साथ एक शेयर बिक्री और खरीद समझौता (एसएसपीए) किया। इस एसएसपीए के तहत, मारन और काल एयरवेज ने अपनी पूरी शेयरधारिता अजय सिंह को ₹2 के नाममात्र मूल्य पर हस्तांतरित करने पर सहमति व्यक्त की थी।